नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित ‘ट्रैक-2 डिप्लोमेसी’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विदेश सचिव विक्रम मिसरी का स्पष्ट बयान सामने आया है। उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि भारत सरकार का ऐसे किसी भी अनौपचारिक संवाद या कार्यक्रम से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

विदेश सचिव ने साफ किया कि इस तरह की बैठकों या आयोजनों में भाग लेने वाले व्यक्ति सरकार की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि नहीं होते और न ही इनसे भारत की आधिकारिक विदेश नीति में किसी बदलाव का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार की पाकिस्तान नीति स्पष्ट है और उसमें किसी तरह की अनौपचारिक गतिविधियों से कोई परिवर्तन नहीं आता।