नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि एलपीजी सिलिंडर की कमी के डर से पैनिक बुकिंग न करें।
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी का सामान्य चक्र लगभग ढाई दिन का है, और इस दौरान घर-घर सिलिंडर समय पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा, “गलत जानकारी के कारण कुछ लोग घबराकर सिलिंडर बुक कर रहे हैं और जमाखोरी कर रहे हैं, जो बिल्कुल जरूरी नहीं है।”
सरकारी उपाय और आपूर्ति की स्थिति
मंत्रालय ने कहा कि दो एलएनजी कार्गो भारत की ओर रवाना हो चुके हैं और कुछ ही दिनों में पहुंच जाएंगे।
देश की रिफाइनरियां अधिकतम क्षमता से काम कर रही हैं, कुछ 100% से अधिक क्षमता पर।
घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25% वृद्धि की गई है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी हो रही है।
एलपीजी बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू किया गया है।
कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति
भारत में रोजाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है।
सरकार ने क्रूड आयात में विविधता लाई है; अब लगभग 70% तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से आ रहा है।
देश में 189 MMSCMD नेचुरल गैस की खपत होती है, जिसमें 97.5 MMSCMD घरेलू उत्पादन से आता है।
आयात की जाने वाली गैस की आपूर्ति प्रभावित होने पर सरकार ने नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर लागू किया और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को बचाने के लिए 35% कटौती की।
कीमतों और उपभोक्ता सुरक्षा
दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत 913 रुपये है, जिसमें हाल की बढ़ोतरी 60 रुपये की शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी के दाम 41% बढ़ गए हैं, लेकिन सरकारी मदद से उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए कीमतें 32% कम बनी हैं।
तेल कंपनियों को नुकसान से बचाने के लिए 30,000 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी गई है।
मंत्रालय का संदेश
सुजाता शर्मा ने कहा, “भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। किसी भी अफवाह या पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं है। आपूर्ति शृंखला निरंतर और स्थिर है। राज्य सरकारों को ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं।”
मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति दोनों ही सामान्य रूप से जारी हैं, और देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है।