लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बिजली की समस्या को दूर करने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अहम पहल शुरू की है। विभाग अब इन स्कूलों को केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से जल्द ही केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा।

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों को मिलेगा, जहां बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है। सौर ऊर्जा से स्कूलों में पंखे, लाइट और डिजिटल कक्षाओं का संचालन अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा।

इस योजना के तहत 300 यूनिट तक बिजली पर सब्सिडी का प्रावधान पहले से ही मौजूद है, लेकिन फिलहाल यह सुविधा आवासीय उपभोक्ताओं के लिए लागू है। अब सरकार इसे शिक्षा संस्थानों तक विस्तार देने पर विचार कर रही है।

यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है, तो प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई का माहौल काफी बेहतर होने की उम्मीद है। गर्मी के मौसम में छात्रों को राहत मिलेगी और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं भी निर्बाध रूप से चल सकेंगी। इसके साथ ही बिजली खर्च में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।