चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर दिए गए बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। तमिलनाडु में आयोजित एक रैली के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री की तुलना एक आतंकवादी से कर दी थी। इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए Bharatiya Janata Party ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है।
भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए Election Commission of India को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी न केवल प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की मर्यादा को भी प्रभावित करती है।
चुनाव आयोग से क्या कार्रवाई की मांग
भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को भेजे अपने पत्र में कहा है कि खरगे के बयान पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। पार्टी का तर्क है कि यह टिप्पणी प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करती है।
भाजपा ने आयोग से मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने या अपना बयान वापस लेने का निर्देश दिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग आवश्यक समझे तो उनके चुनाव प्रचार पर उचित प्रतिबंध लगाए या अन्य सुधारात्मक कदम उठाए, ताकि चुनावी मर्यादा बनी रहे।
कानूनी कार्रवाई की भी मांग
भाजपा ने केवल चुनावी प्रतिबंधों तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। आयोग को भेजे गए पत्र में पार्टी ने Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 की विभिन्न धाराओं का हवाला दिया है।
भाजपा का कहना है कि खरगे के खिलाफ धारा 175, 171/174 और 356(1) सहित अन्य लागू धाराओं के तहत जांच शुरू कर दंडात्मक और नियामक कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी का मानना है कि जांच में यदि आरोप साबित होते हैं, तो कांग्रेस अध्यक्ष को कानून के मुताबिक परिणाम भुगतने होंगे।