मेरठ के सेंट्रल मार्केट स्थित तिरंगा रोड पर दुकानों को बचाने की मांग को लेकर चल रहा व्यापारियों और महिलाओं का धरना मंगलवार को 12वें दिन भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गया। लंबे समय से आंदोलन कर रहे परिवारों का धैर्य टूटने लगा है, जिसके चलते बुधवार को महिलाओं ने अपने व्यापार और सत्ताधारी दल भाजपा के प्रति भरोसे की प्रतीकात्मक ‘तेरहवीं’ करने की घोषणा कर दी।

राजनीतिक समर्थन के लिए खुले दरवाजे

धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि अब वे किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के समर्थन का स्वागत करेंगी। उनका कहना है कि 12 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

प्रशासन ने व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन बैठक बेनतीजा रही।

प्रेस वार्ता में फूटा आक्रोश

मंगलवार शाम आयोजित प्रेस वार्ता में महिलाओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि उनका परिवार वर्षों से भाजपा का समर्थक रहा है, लेकिन इस संकट की घड़ी में कोई भी जनप्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके परिवारों का व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो चुका है और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

इसी विरोध में बुधवार को सुबह हवन, दोपहर ब्रह्मभोज और शाम को शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की गई है।

डीएम से वार्ता भी रही असफल

स्थिति को देखते हुए डीएम डॉ. वीके सिंह ने देर शाम व्यापारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें कई व्यापारी नेता शामिल हुए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।

प्रशासन ने कार्यक्रम टालने की अपील की, लेकिन व्यापारियों ने स्पष्ट कर दिया कि महिलाएं अपने निर्णय पर अडिग हैं।

अवैध निर्माण पर आवास विकास का अभियान

उधर, आरटीओ रोड क्षेत्र में आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान लोगों से स्वयं निर्माण हटाने की अपील की है।

विभाग जल्द ही नोटिस जारी कर दो सप्ताह का समय देने की तैयारी में है।

स्कूल मान्यता रद्द होने पर अभिभावकों का विरोध

शहर के दो स्कूलों की मान्यता रद्द किए जाने और ऑनलाइन कक्षाएं बंद होने के विरोध में अभिभावकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों ने सवाल उठाया कि जब कई स्कूल आवासीय क्षेत्रों में चल रहे हैं, तो कार्रवाई केवल चुनिंदा संस्थानों पर ही क्यों की गई।

छोटे व्यापारियों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक

व्यापारी नेता सतीश गर्ग ने कहा कि छोटे दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए सभी प्रभावित व्यापारियों का डेटा तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में मामला ले जाने की तैयारी है।

815 भवनों पर नोटिस की तैयारी

आवास विकास परिषद बुधवार से 815 भवनों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया है, जो पुलिस की मौजूदगी में नोटिस वितरित करेंगी। नोटिस के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अवैध निर्माण का विवरण भी शामिल रहेगा।