पीएम मोदी के असम दौरे का गुवाहाटी में आज दूसरा दिन है। इस मौके पर उन्होंने एडवांटेज असम 2.0 निवेश एवं अवसंरचना शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने में पूर्वी भारत की भूमिका बड़ी होने वाली है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्वी भारत और नॉर्थईस्ट की भूमि आज एक नए भविष्य की शुरूआत करने जा रही है। एडवांटेज असम पूरी दुनिया को असम के संभावना और प्रगति से जोड़ने का एक महाअभियान है। इतिहास गवाह है कि पहले भी भारत की समृद्धि में ईस्टर्न इंडिया का बहुत बड़ा रोल हुआ करता था। आज जब भारत वि​कसित होने की तरफ बढ़ रहा है, तो एक बार फिर हमारा ये नॉर्थईस्ट अपना सामर्थ्य दिखाने जा रहा है।

भारत लोकल सप्लाई चेन मजबूत कर रहा- पीएम

उन्होंने आगे कहा कि आज भारत अपनी लोकल सप्लाई चेन को मजबूत कर रहा है। आज भारत, दुनिया के अलग अलग क्षेत्र के साथ मुक्त व्यापार समझौतें कर रहा है। ईस्ट एशिया के साथ हमारी कनेक्टिविटी लगातार सशक्त हो रही है और नया बन रहा इंडिया- मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर भी अनेक नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम ने 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था को डेढ़ सौ बिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और मुझे विश्वास है कि असम इस लक्ष्य को जरूर हासिल कर सकता है। 

विकसित भारत बनाने में पूर्वी भारत की भूमिका बड़ी- PM

अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने में पूर्वी भारत की भूमिका बहुत बड़ी होने वाली है। आज पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, एग्रीकल्चर, टूरिस्म और इंडस्ट्री में तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। वो दिन दूर नहीं जब दुनिया भारत की विकासित यात्रा में इस क्षेत्र को सबसे आगे बढ़ते हुए देखेगा। मुझे विश्वास है आप इस यात्रा में असम के साथी बनेंगे, साक्षीदार बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन के दौरान असम की अर्थव्यवस्था का मूल्य दोगुना होकर छह लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह डबल इंजन सरकार का ही प्रभाव है।

बता दें कि पीएम मोदी ने मंगलवार (25 फरवरी) को उद्योग प्रमुखों और विदेशी देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी में एडवांटेज असम 2.0 निवेश और बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा उपस्थित रहे।