नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में सक्रियता बढ़ा दी है। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं। हालांकि चुनाव मार्च के अंत तक होने की संभावना है, आयोग ने पहले ही चुनावी इंतजामों को पुख्ता करने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है।

चुनाव आयोग ने गुरुवार से केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक शुरू की, जिसमें 1,400 से अधिक अधिकारियों को बुलाया गया। इनमें सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। बैठक दो दिन तक चलेगी। पहले दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें आयोग की ओर से नियुक्त किया गया है ताकि वे चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रख सकें।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के साथ संपर्क में रहें, नियमों और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराएं, और मतदाताओं की शिकायतों का समय पर निवारण सुनिश्चित करें। इस दौरान चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी ने भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

आयोग के अनुसार, बुलाए गए 1,400 अधिकारियों में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात होंगे। यह बैठक आयोग की तैयारी का अहम हिस्सा है, ताकि पांचों राज्यों में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सकें।