वडोदरा में खेले गए महिला प्रीमियर लीग के फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स ने कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स के नेतृत्व में शानदार बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 203 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह डब्ल्यूपीएल फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर रहा। बावजूद इसके, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया और मुकाबला छह विकेट से जीत लिया।

दिल्ली की पारी में जेमिमा रोड्रिग्स ने 37 गेंदों में 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें आठ चौके शामिल रहे। उनके अलावा लौरा वोल्वार्ट (44 रन, 25 गेंद) और चिनेल हेनरी (नाबाद 35 रन, 15 गेंद) ने तेजी से रन बटोरते हुए चौथे विकेट के लिए महज 24 गेंदों में 55 रन जोड़ दिए। इससे दिल्ली का स्कोर 200 के पार पहुंच गया। जेमिमा और वोल्वार्ट के बीच तीसरे विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी भी अहम रही।

शुरुआत में आरसीबी की गेंदबाजी कसी हुई रही और पहले तीन ओवरों में सिर्फ नौ रन दिए गए। हालांकि चौथे ओवर में दिल्ली को 20 रन मिले, जिससे रन गति तेज हुई। अरुंधति रेड्डी ने शेफाली वर्मा को आउट कर दिल्ली को झटका दिया, लेकिन वोल्वार्ट की आक्रामक बल्लेबाजी से टीम सात ओवर में ही 72 रन तक पहुंच गई। नादिन डी क्लर्क ने वोल्वार्ट को आउट कर आरसीबी को राहत दिलाई, लेकिन तब तक दिल्ली मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी।

204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की टीम को शुरुआती झटका जरूर लगा, लेकिन इसके बाद कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने पारी को संभालते हुए आक्रामक अंदाज में रन बटोरे। दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए। जॉर्जिया वोल ने 54 गेंदों में 79 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल थे।

कप्तान स्मृति मंधाना ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 41 गेंदों पर 87 रन बनाए। उनकी इस पारी में 12 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। इन दोनों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर आरसीबी ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और छह विकेट से मुकाबला जीतकर दूसरी बार डब्ल्यूपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले टीम 2024 में भी चैंपियन बनी थी। वहीं दिल्ली कैपिटल्स को लगातार चौथी बार फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।