मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट हुआ, जिसमें 16 लोग मारे गए और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घटना की जानकारी स्थानीय मीडिया और अधिकारियों ने साझा की।

पुलिस और बचाव कार्य
पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दूरदराज़ इलाके में इस खदान से चार शव बरामद किए गए हैं और एक घायल व्यक्ति को शिलांग के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), दमकल और आपात सेवा टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। विस्फोट के बाद पहाड़ी का एक हिस्सा धंस गया, जिससे और खनिकों के फंसे होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब इस इलाके में अवैध कोयला खनन को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई थी। पिछले साल 23 दिसंबर को इसी थांग्स्को इलाके में डायनामाइट विस्फोट में दो खनिकों की मौत हुई थी। उस समय पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे बेबुनियाद बताया था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट और मेघालय हाईकोर्ट की जांच के बाद मामले की गंभीरता सामने आई थी।

असम के होजाई जिले में 14 जनवरी को भी अवैध खदान में हादसा हुआ था, जिसमें 48 वर्षीय मौसाद अली की मौत हुई थी। वह भी जस्टिस काटेकी समिति की जांच के दायरे में आया था।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि, जबकि घायलों के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

एनडीआरएफ और बचाव अभियान
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तीन टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं और राहत तथा बचाव कार्य जारी है। अभी भी कुछ मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।