प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए एक घंटे से अधिक समय तक अपना वक्तव्य रखा। अपने भाषण में उन्होंने सरकार के कामकाज, विपक्ष की भूमिका और राजनीतिक घटनाक्रमों पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एक पुराना प्रसंग भी साझा किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की तत्कालीन व्यवस्था इतनी कमजोर थी कि मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सदन में अपनी बात रखते हुए भावुक होना पड़ा था। उन्होंने इसे उस दौर की प्रशासनिक विफलताओं का उदाहरण बताया।

राहुल गांधी पर तीखा हमला
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में हुई एक घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने राज्यसभा के एक सिख सांसद को “गद्दार” कहकर अपमानित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिख समुदाय का देश की सेवा और बलिदान का गौरवशाली इतिहास रहा है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल बदलना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन केवल धर्म या समुदाय के आधार पर किसी को देशद्रोही ठहराना खतरनाक सोच को दर्शाता है।

टीएमसी पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में शासन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं, फिर भी वहां की सरकार देश को उपदेश देने की कोशिश करती है। पीएम ने आरोप लगाया कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आंखें मूंदकर केवल सत्ता की राजनीति की जा रही है।