नोएडा के सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में कफन के नाम पर पैसे मांगने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक सफाईकर्मी को वहां से हटा दिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद उसे जिला अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें सफाईकर्मी अजय को दोषी ठहराया गया। इसके आधार पर उसे पोस्टमार्टम हाउस से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले निजी एंबुलेंस चालक विपिन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर को भी पत्र भेजा गया है।
सीएमओ ने नोडल अधिकारी डॉ. जयशलाल और डॉ. ऋषभ कुमार सिंह को नियमित रूप से पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
यह मामला तब सामने आया था, जब मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आरोप था कि 3,000 रुपये न देने पर शव को बिना कफन के परिजनों को सौंप दिया गया। वीडियो के लखनऊ तक पहुंचने के बाद विभाग हरकत में आया और तत्काल जांच टीम गठित की गई। हालांकि, मृतक के परिवार की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।