केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर किसानों के हितों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए फैसलों में हमेशा किसानों को प्राथमिकता दी गई है।

चौहान ने कहा कि हालिया व्यापार समझौते में भी कृषि क्षेत्र के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। उनके मुताबिक, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय करार से देश के अन्नदाता को नुकसान न पहुंचे।

खाद्यान्न और बागवानी क्षेत्र पर जोर

कृषि मंत्री ने बताया कि गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन और मोटे अनाज जैसे प्रमुख फसलों के उत्पादकों के हितों को सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही फल और सब्जी उगाने वाले किसानों को भी इस समझौते से नए अवसर मिलने की बात कही गई।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरती गई है और डेयरी तथा पोल्ट्री जैसे सेक्टर को पूरी तरह खोलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।

निर्यात बढ़ने की उम्मीद

मंत्री ने कहा कि इस समझौते से मसाले, चाय, कॉफी, पनीर समेत कई उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार, निर्यात बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा मिलने से कपास उत्पादकों को लाभ होगा।

विपक्ष पर टिप्पणी

चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि व्यापार समझौते को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनका कहना था कि किसानों के हितों से जुड़े निर्णय तथ्यों के आधार पर लिए जाते हैं और सरकार अन्नदाताओं के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने 12 फरवरी को सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों को संभावित नुकसान होने का दावा किया था।