बेंगलुरु: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार विदेश में रह रहे कन्नड़िगा की सुरक्षा और कल्याण पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है।

सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दुबई में लगभग 100 और बहरीन में 9 कन्नड़िगा एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों के रद्द होने के कारण फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमारी टीमें लगातार संपर्क में हैं ताकि सही जानकारी जुटाई जा सके और जरूरतमंदों को मदद मिल सके।” मुख्यमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय दूतावासों के हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए।

राज्य सरकार ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) और सभी डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) 24x7 सक्रिय कर दिए हैं। सिद्धारमैया ने बताया कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय (MEA), भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के संपर्क में है ताकि stranded लोगों की सुरक्षा, सहायता और संभावित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि एयरलाइंस के साथ समन्वय किया गया है ताकि टिकटों के पुनर्निर्धारण में ढील दी जा सके और अधिक से अधिक वापसी उड़ानों की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से शांति बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय मिशनों की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा, “कर्नाटक सरकार विदेश में फंसे कन्नड़िगा के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाएगी।”

केंद्र सरकार भी पूरी तरह तैयार
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। वे भारतीय मिशनों के साथ लगातार संपर्क में हैं। जोशी ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है। उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी का उदाहरण भी दिया और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हमेशा संकट में फंसे भारतीयों की मदद करेगी।