गुजरात में रविवार सुबह से स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, वोटिंग सुबह 7 बजे से प्रारंभ होकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। इस चुनाव को राज्य के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में से एक माना जा रहा है।
इस बार के चुनाव में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे प्रमुख शहरों में भी मतदान हो रहा है। कुल मिलाकर लगभग 4.18 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि 9,992 उम्मीदवार विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में हैं।
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। कई स्तरों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष टीमें लगाई गई हैं। इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार चुनाव नए OBC आरक्षण नियमों के तहत हो रहे हैं, जिसके चलते कई क्षेत्रों में वार्डों का पुनर्गठन भी किया गया है।
राजनीतिक मुकाबले की बात करें तो मुख्य टक्कर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मानी जा रही है। इसके अलावा एआईएमआईएम और अन्य क्षेत्रीय दल भी कुछ सीटों पर चुनावी मैदान में हैं। इस चुनाव में कुछ चर्चित चेहरे भी उम्मीदवार के रूप में शामिल हैं, जिनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी एम एल निनामा, पूर्व रेडियो जॉकी आभा देसाई और पूर्व आप विधायक भूपेंद्र भायानी शामिल हैं।
इस बार पहली बार राज्य की 9 नई नगरपालिकाओं में भी मतदान हो रहा है, जिनमें नवसारी, गांधीनगर, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर शामिल हैं।
मतगणना 28 अप्रैल को की जाएगी। चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंकी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाजपा के लिए प्रचार किया, जबकि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कई रैलियों को संबोधित किया। पिछली बार 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की थी और अधिकांश सीटों पर अपना दबदबा कायम किया था।