मुंबई में आयोजित ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत आज दुनिया के देशों के साथ पहले से कहीं अधिक सक्रिय और मजबूती के साथ जुड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हाल में किए गए बड़े व्यापार समझौते यह दर्शाते हैं कि भारत वैश्विक मंच पर अब मजबूत स्थिति में है।

दुनिया का बदलता आर्थिक परिदृश्य
जयशंकर ने वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी की। उनके अनुसार, दुनिया तेजी से अनिश्चित और अस्थिर दौर में प्रवेश कर रही है। पुराने आर्थिक और राजनीतिक ढांचे कमजोर पड़ रहे हैं और नई व्यवस्था बनने में समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब उत्पादन, वित्तीय ताकत, बाजार हिस्सेदारी और निर्यात नियंत्रण जैसे आर्थिक उपकरणों का इस्तेमाल कभी-कभी हथियार की तरह किया जा रहा है।

हाल के महत्वपूर्ण समझौते
विदेश मंत्री ने हाल में हुए दो प्रमुख समझौतों का जिक्र किया। पहला, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत के बाद भारत के निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया। दूसरा, भारत-यूरोपीय संघ (EU) का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जिसे पिछले महीने अंतिम रूप दिया गया। इससे दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।

भारत की वैश्विक रणनीति
जयशंकर ने बताया कि भारत अब आत्मविश्वास के साथ वैश्विक साझेदारी कर रहा है, आर्थिक शक्ति बढ़ा रहा है और नए व्यापारिक अवसर तलाश रहा है। उनका कहना था कि भारत अब 'कमजोर देश' नहीं है, बल्कि एक भरोसेमंद और सशक्त वैश्विक साझेदार के रूप में दुनिया से जुड़ रहा है।