मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की टेंडर प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में आ गई है। लकड़ी प्रकाष्ठ (वुड लॉट) के ठेके की नीलामी से ठीक एक दिन पहले एक ठेकेदार ने पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला पंचायत प्रशासन पर पक्षपात और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
ठेकेदार समरजीत सिंह ने रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे आरोप लगाया कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की जा रही है, जिससे कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके। उनका कहना है कि बोली लगाते समय रेट दर्ज करने के बाद सिस्टम अचानक “प्रोटेक्ट कोड” मांगने लगता है, जिसके बिना आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती।

समरजीत सिंह के अनुसार, यह प्रक्रिया सामान्य ई-टेंडरिंग प्रणाली का हिस्सा नहीं है और इससे संदेह पैदा होता है कि पूरी निविदा प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
ठेकेदार ने यह भी दावा किया कि टेंडर में मनचाहे लोगों को फायदा पहुंचाने के बदले कथित तौर पर आर्थिक लेन-देन भी किया जा रहा है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए पूरी नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से कराने की अपील की है।

गौरतलब है कि लकड़ी प्रकाष्ठ के ठेके की नीलामी सोमवार को प्रस्तावित है। ऐसे में नीलामी से ठीक पहले लगे इन आरोपों ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला पंचायत प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।