नई दिल्ली: भारत की विदेश नीति के लिए बड़ी सफलता के रूप में ईरान ने अब भारतीय झंडे वाले जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी रोक-टोक के गुजरने की अनुमति दे दी है। जबकि अमेरिका और यूरोपीय देशों के जहाजों को अभी भी खाड़ी में प्रतिबंधों और संभावित हमलों का सामना करना पड़ रहा है, भारतीय टैंकर अब सुरक्षित रूप से इस रणनीतिक मार्ग से गुजर सकेंगे।

यह निर्णय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच उच्चस्तरीय बातचीत के बाद लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय टैंकर पुष्पक और परिमल पहले ही हॉर्मुज से सुरक्षित गुजर चुके हैं।

भारत की कूटनीति का असर
मंगलवार रात हुई तीसरी टेलीफोन वार्ता के बाद ईरान ने यह अनुमति दी। वैश्विक जहाज यातायात में भारी गिरावट के बावजूद भारतीय जहाजों को विशेष सुविधा दी गई है। हाल ही में एक थाईलैंड-ध्वजांकित जहाज पर हमला हुआ था, जबकि अन्य कई जहाज ब्लॉक या हमलों का शिकार हुए थे।

ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी राहत
यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। भारत ने ईरान के साथ संपर्क बनाए रखते हुए क्रूड ऑयल और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसके अलावा, जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी बातचीत की, जिसमें दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की स्थिति और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की।