पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर पुराने संबंधों और विवादों को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी ने हाल ही में फेसबुक पोस्ट के माध्यम से एक पुरानी घटना का जिक्र किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।

फेसबुक पोस्ट में किया खुलासा

शिवानंद तिवारी ने लिखा कि एक समय लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के करीबी नेताओं के बीच संबंध बेहद खट्टे थे। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि लालू यादव ललन सिंह को देखना भी पसंद नहीं करते थे।

कमरे से बाहर निकाले जाने की घटना

तिवारी के अनुसार, एक बार नीतीश कुमार, ललन सिंह और वृष्णि पटेल के साथ वे दिल्ली में लालू यादव से मिलने गए थे। इस दौरान लालू यादव ने इशारे में ललन सिंह को कमरे से बाहर जाने को कहा।

पहले ललन सिंह इस इशारे को समझ नहीं पाए, लेकिन जब लालू ने दोबारा संकेत किया, तो उन्होंने चुपचाप सिर झुकाकर कमरे से बाहर निकलना उचित समझा। इस घटना ने वहां मौजूद सभी नेताओं को हैरान कर दिया।

नीतीश और अन्य नेता भी हुए असहज

शिवानंद तिवारी ने बताया कि इस व्यवहार से नीतीश कुमार और वृष्णि पटेल भी असहज हो गए थे। ललन सिंह वहां अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के कहने पर गए थे।

सरयू राय को लेकर नाराजगी

इसी दौरान लालू यादव ने सरयू राय का नाम लेकर नाराजगी जताई। यह विवाद उस लेख को लेकर था, जिसमें सरकार पर कुछ आरोप लगाए गए थे।

शिवानंद तिवारी ने किया विरोध

तिवारी ने इस व्यवहार का विरोध किया और लालू यादव को उनके पुराने दिनों की याद दिलाई। इसके बाद माहौल बदल गया और लालू ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।

चिट्ठी का मसौदा भी तैयार हुआ

इस घटना के बाद नीतीश कुमार और अन्य नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया देने का विचार किया। सरयू राय से चिट्ठी का मसौदा तैयार करवाया गया, लेकिन बाद में इसे छोटा कर ठंडे बस्ते में रख दिया गया।

पुरानी घटना से नई सियासत गर्म

शिवानंद तिवारी के इस खुलासे के बाद बिहार की राजनीति में पुराने रिश्तों और विवादों पर नई बहस छिड़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और सियासी माहौल फिर हलचल में है।