कर्नाटक की राजनीति में जारी अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी प्राथमिकताओं पर साफ बयान दिया है। बुधवार को कर्नाटक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने 1980 से पार्टी के लिए लगातार काम किया है और अब उनका फोकस सत्ता या पद हासिल करने पर नहीं, बल्कि एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता के रूप में रहना है।

शिवकुमार ने इस अवसर पर कहा, "मैंने पार्टी के लिए 45 साल मेहनत की है और आगे भी मैं पार्टी कार्यकर्ता बने रहना पसंद करूंगा।" यह बयान उन्होंने उस सवाल के जवाब में दिया जिसमें पूछा गया था कि क्या वे अगले पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनना चाहेंगे।

मकर संक्रांति के आसपास सत्ता परिवर्तन की अटकलों पर उन्होंने कहा, "यह सब मीडिया में चल रही चर्चा है। पार्टी या सरकार में ऐसी कोई चर्चा नहीं हो रही है।" जब उनसे कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कल ही लौटे हैं और मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता।

मंत्रिमंडल विस्तार पर पूछे जाने पर डीके शिवकुमार ने कहा, "इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री से ही लिया जाना चाहिए।" वहीं, केएन राजन्ना द्वारा राहुल गांधी को लिखे गए पत्रों के संबंध में उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त अनुभव नहीं है और उन्हें प्रशिक्षण लेकर फिर से काम करना होगा।

शिवकुमार का यह बयान कर्नाटक में राजनीतिक स्थिरता और पार्टी के भीतर उनके दृष्टिकोण को लेकर स्पष्टता प्रदान करता है।