पटना: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पार्टी से अलग होने का ऐलान कर दिया है। त्यागी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस बार अपनी सदस्यता नवीनीकरण नहीं कराई है और अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर जल्द ही दिशा तय करेंगे। करीब दो दशकों से जेडीयू से जुड़े केसी त्यागी का यह कदम बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
केसी त्यागी ने कहा – पार्टी से पूरी तरह अलग
त्यागी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब वह जेडीयू का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने बताया कि पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो चुका है और इस बार उन्होंने सदस्यता नवीनीकरण नहीं कराया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक भविष्य को लेकर निर्णय लेने से पहले वह अपने साथियों और समर्थकों से विचार-विमर्श करेंगे।
जेडीयू से जुड़ाव और योगदान
केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय से ही पार्टी के साथ जुड़े थे। अक्टूबर 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय से जेडीयू का गठन हुआ था। इसके बाद से ही त्यागी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शुमार रहे। उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
नीतीश कुमार के प्रति सम्मान बरकरार
पार्टी छोड़ने के बावजूद केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के साथ मेरा लगभग आधी सदी पुराना संबंध है और उनका व्यक्तिगत सम्मान हमेशा रहेगा। राजनीतिक फैसले अलग हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्ते कायम रहते हैं।”
आगे की रणनीति और बैठक
त्यागी ने बताया कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य पर फैसला करेंगे। इसके लिए 22 मार्च 2026 को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलांकर हॉल में समान विचारधारा वाले लोगों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी और आगे की दिशा तय की जाएगी।
विचारधारा और प्राथमिकताएँ
केसी त्यागी ने कहा कि वह आगे भी भारत रत्न चौधरी चरण सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा से प्रेरित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के गरीब, किसान और वंचित वर्ग के हितों के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।