मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पटना से पुणे जा रही एक ट्रेन से बड़ी संख्या में बच्चों को उतारकर जांच के लिए रोक लिया गया। मानव तस्करी की आशंका के चलते रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 150 से अधिक बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया।

सूचना के बाद प्रशासन हरकत में आया

जानकारी के अनुसार, एक सामाजिक संगठन ने अधिकारियों को सूचना दी थी कि बिहार से महाराष्ट्र की ओर 7 से 15 वर्ष के कई बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गया और ट्रेन के कटनी स्टेशन पहुंचते ही जांच शुरू कर दी गई।

167 बच्चों को ट्रेन से उतारा गया

जांच के दौरान कुल 167 बच्चों को ट्रेन से उतारकर उनकी पहचान और स्थिति की पड़ताल शुरू की गई। बाल सुरक्षा अधिकारियों ने बच्चों की काउंसलिंग भी की। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि इनमें से अधिकांश बच्चे मुस्लिम समुदाय से हैं और उन्हें महाराष्ट्र के कुछ मदरसों में दाखिले के लिए ले जाया जा रहा था। बच्चों के साथ मौजूद लोगों के पास प्रवेश से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले हैं।

बाल संरक्षण गृह में रखा गया

सुरक्षा के मद्देनजर सभी बच्चों को फिलहाल अलग-अलग बाल संरक्षण केंद्रों में रखा गया है। करीब 80 बच्चों को जबलपुर के बाल गृह भेजा गया है, जबकि बाकी बच्चों को कटनी के बाल संरक्षण गृह में ठहराया गया है।

जांच जारी

पूरे मामले की जांच बाल कल्याण समिति, रेल पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के परिजनों और बिहार के संबंधित इलाकों से संपर्क किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला मानव तस्करी से जुड़ा है या बच्चों को वैध रूप से शिक्षा के लिए ले जाया जा रहा था।