केरल में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि रविवार तक इस पर अंतिम फैसला सामने आ सकता है। कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक के बाद अब पूरा निर्णय पार्टी हाईकमान के हाथों में चला गया है।
एआईसीसी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने गुरुवार को नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी राय जानी। दोनों पर्यवेक्षक जल्द ही अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे।
बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दिया जाए। इसके बाद अब अंतिम फैसला खरगे ही लेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने पुष्टि की कि सभी 63 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक, राज्य प्रभारी दीपा दासमुंसी और एआईसीसी पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बैठक हुई।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिनमें अकेले कांग्रेस के खाते में 63 सीटें आई हैं। इसी बहुमत के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज है।
फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नामों की चर्चा चल रही है—कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला। हालांकि पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि अधिकतर विधायक केसी वेणुगोपाल के पक्ष में बताए जा रहे हैं, जबकि उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
बैठक के बाद विधायक के. मुरलीधरन ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर स्थिति रविवार तक स्पष्ट हो जाएगी। वहीं पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक ने कहा कि विधायकों की राय लेने के बाद एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित हुआ है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष को अंतिम निर्णय का अधिकार दिया गया है।
अजय माकन ने भी कहा कि सभी विधायकों से विस्तार से चर्चा की गई है और अब रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी जाएगी, जिसके बाद जल्द ही अंतिम घोषणा की उम्मीद है।