कुरारा थाना क्षेत्र के भौली गांव के मजरा कोतूपुर पटिया में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। यमुना नदी पार कर खेत में तरबूज-खरबूजा खाने गए लोगों से भरी नाव बीच धारा में पलट गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। वहीं तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। करीब 22 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गुरुवार सुबह सभी शव बरामद कर लिए गए।
जानकारी के अनुसार, कोतूपुर पटिया निवासी गयाप्रसाद उर्फ राजू की बेटी अंजली की शादी सोमवार को धूमधाम से हुई थी। कानपुर देहात के सिरसा क्योटरा से बारात आई थी। मंगलवार दोपहर विदाई के बाद घर में रिश्तेदार मौजूद थे और माहौल सामान्य था। शाम करीब चार बजे गयाप्रसाद के चचेरे भाई विष्णु (28) मेहमानों को लेकर यमुना पार स्थित खेतों में तरबूज-खरबूजा खिलाने ले गए थे।
शाम होते-होते करीब सात बजे सभी लोग नाव से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में पानी का बहाव तेज होने और कटान वाले क्षेत्र के कारण नाव असंतुलित हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, नाव चला रहा युवक कथित तौर पर मोबाइल में व्यस्त हो गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही पलों में नाव पलट गई। सभी लोग गहरे पानी में डूब गए।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ की चार, एसडीआरएफ की दो टीमों के साथ फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोरों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और रात के अंधेरे के कारण रेस्क्यू कार्य में काफी दिक्कतें आईं।
इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनमें बृजरानी (35), अर्चना (14), रानी (9), आकांक्षा (9), लव्यांश उर्फ दिव्यांश (5) और आदित्य (11) शामिल हैं।
वहीं विष्णु, पांच वर्षीय रिंकू और पारुल को ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया। तीनों को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया है।
गुरुवार सुबह जैसे-जैसे एक-एक कर शव बाहर निकाले गए, घाट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस घर से कुछ दिन पहले बेटी की विदाई हुई थी, उसी आंगन में अब गम का सन्नाटा पसर गया है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और पिछले दो दिनों से कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला।
पुलिस ने सभी शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।