पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य और स्थिर बताई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अनावश्यक रूप से ईंधन का स्टॉक न करें।

संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से उत्पादन कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सुचारु है और लगातार इसकी निगरानी की जा रही है।

हाल के दिनों में कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री में बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने कहा कि यह किसी कमी का संकेत नहीं है। उनके अनुसार, कई औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ता अब सीधे आपूर्ति चैनल की बजाय खुदरा पंपों से ईंधन ले रहे हैं, जिसके कारण कुछ आउटलेट्स पर बिक्री अधिक दिख रही है।

मंत्रालय ने दोहराया कि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इसी बीच, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि एलएनजी ले जा रहा पोत ‘दिशा’ 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुका है। यह पोत 18 जून को गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और शिपिंग कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बनी रहे।