पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर सीट से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी ने पिंगला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी में हालात खराब हैं और भाजपा उसी तरह की राजनीति पश्चिम बंगाल में भी लागू करना चाहती है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाल के लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि जब बंगाल के युवा अन्य राज्यों में जाते हैं तो उनके साथ दुर्व्यवहार होता है और बंगाली भाषा बोलने पर उन्हें गलत तरीके से “घुसपैठिया” तक कहा जाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल की संस्कृति अलग है, जहां लोग सम्मान और सौहार्द के साथ ‘प्रणाम’, ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा यहां भी वैसी ही राजनीति थोपने की कोशिश कर रही है जैसी कुछ अन्य राज्यों में देखी जाती है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आने वाले समय में डिलिमिटेशन बिल लाया जा सकता है, जिससे बंगाल की राजनीतिक संरचना प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने एनआरसी को लेकर भी चिंता जताई।

चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और राज्य के फंड रोके जा रहे हैं। ईवीएम और वीवीपैट को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और कहा कि इनकी जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।

अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने भाजपा की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अपने लंबे राजनीतिक अनुभव में उन्होंने इतनी कठोर और आक्रामक राजनीति पहले कभी नहीं देखी।