मेरठ: कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर क्षेत्र में 44 भूखंडों पर बनी करीब 350 दुकानों को सील किए जाने की कार्रवाई से व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। संयुक्त व्यापार संघ ने इस कदम को लेकर आवास विकास विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि यदि अवैध निर्माण के आधार पर दुकानों को सील किया गया है, तो उन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके कार्यकाल में यह निर्माण हुए। उन्होंने बताया कि 661/6 स्थित 22 दुकानों के ध्वस्तीकरण के बाद अब 44 भूखंडों और सेक्टर-2 में भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसके विरोध में 16 और 17 अप्रैल को आवास विकास कार्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक के दौरान उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने मांग की कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषी अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। वहीं उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि सेंट्रल मार्केट और शास्त्रीनगर के सभी व्यापारी एकजुट हैं और इस लड़ाई में पूरा व्यापारिक समुदाय साथ खड़ा है।
महामंत्री संजय जैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हाल में दुकानों को गिराने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि इससे न सिर्फ बाजार की रौनक खत्म होगी बल्कि व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित होगी। मंत्री अमित बंसल ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सैकड़ों महिलाएं सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं, बावजूद इसके प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
मंत्री विकास गिरधर ने कहा कि वर्षों से बसे हुए बाजारों को हटाना उचित नहीं है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं मंत्री संजीव जिंदल ने कहा कि प्रस्तावित ‘हल्ला बोल’ आंदोलन भ्रष्ट तंत्र को कड़ा संदेश देगा कि व्यापारियों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यापारियों का एसएसपी से मिलने का फैसला
बाजार बजाजा में एक व्यापारी और उसके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले को लेकर भी व्यापारी वर्ग पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज है। अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने आरोप लगाया कि एक सामान्य विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और अब कथित तौर पर कुर्की की कार्रवाई तक की तैयारी की जा रही है। इसी मुद्दे पर बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करेगा।