ओडिशा की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजू जनता दल (BJD) ने हाल ही में राज्यसभा की चार सीटों के चुनाव के दौरान 'क्रॉस वोटिंग' करने के आरोप में अपने 6 विधायकों को निलंबित कर दिया है। यह फैसला पार्टी की अनुशासनात्मक समिति की जांच और विधायकों द्वारा दिए गए कारण बताओ नोटिस के जवाबों की समीक्षा के बाद लिया गया। बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पार्टी के प्रति निष्ठा और अनुशासन पर जोर दिया।

निलंबन का निर्णय बीजेडी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वयं नवीन पटनायक ने की। पार्टी ने इसे अनुशासन मजबूत करने और सदस्यों में ईमानदारी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

निलंबित विधायकों की सूची
17 मार्च को इन छह विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बीजेडी की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने बताया कि सभी ने शुक्रवार शाम तक अपने जवाब प्रस्तुत किए, लेकिन उन्हें संतोषजनक नहीं पाया गया। निलंबित विधायकों में शामिल हैं:

  • चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा)
  • नबा किशोर मलिक (जयदेव)
  • सौविक विश्वाल (चौद्वार-कटक)
  • सुबासिनी जेना (बस्ता)
  • रमाकांत भोई (तिरतोल)
  • देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी)

राज्यसभा चुनाव और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को आयोजित हुए थे। इस चुनाव में भाजपा ने चार में से दो सीटों पर जीत हासिल की, जबकि बीजेडी और बीजेपी समर्थित एक-एक निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली। ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। भाजपा के उम्मीदवारों को 93 प्रथम वरीयता वोट मिले, जो उनकी विधानसभा में संख्या से 11 अधिक थे।