भारत ने आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली अंतरराष्ट्रीय पहल ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल होने के लिए दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सप्लाई चेन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है।

पैक्स सिलिका के महत्व पर बोलते हुए ट्रंप प्रशासन के मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा कि यह पहल यह दिखाती है कि भविष्य उन्हीं का है जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र देश एकजुट होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि AI भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति होगी और मजबूत सप्लाई चेन किसी भी देश की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

हस्ताक्षर समारोह में कौन-कौन मौजूद थे?

समझौते पर हस्ताक्षर के समय भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अमेरिका के मंत्री जैकब हेलबर्ग और भारत के केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद रहे।

पैक्स सिलिका क्या है?

पैक्स सिलिका अमेरिकी विदेश विभाग की प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य है:

  • AI तकनीक को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से विकसित करना

  • महत्वपूर्ण सामान और संसाधनों की सप्लाई चेन को भरोसेमंद बनाना

  • सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना

इस पहल में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन और सुरक्षित तकनीक भविष्य की समृद्धि और विकास की बड़ी ताकत बनेंगी।

कौन-कौन से देश शामिल हैं?

इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इज़राइल, क़तर और ग्रीस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के शामिल होने को महत्वपूर्ण बताया। सर्जियो गोर ने कहा, "यह साझेदारी आज़ादी, ताकत और सफलता का प्रतीक है। यह तय करेगा कि भविष्य की तकनीक बंगलूरू और सिलिकॉन वैली में विकसित होगी या निगरानी वाले देशों में।"

जैकब हेलबर्ग ने कहा कि आज कई देश आर्थिक दबाव और ब्लैकमेल का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है।" पैक्स सिलिका पहल तकनीक और सप्लाई चेन की सुरक्षा के जरिए देशों की समृद्धि बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

भारत के लिए महत्व

इस समझौते से भारत को कई लाभ हो सकते हैं:

टेक्नोलॉजी और आर्थिक लाभ:

  • AI रिसर्च और इनोवेशन में सहयोग

  • नई तकनीक तक बेहतर पहुंच

  • सप्लाई चेन में चीन जैसी निर्भरता कम करना

  • महत्वपूर्ण खनिज और चिप सप्लाई की सुरक्षा

रणनीतिक लाभ:

  • अमेरिका और सहयोगी देशों के साथ मजबूत संबंध

  • वैश्विक टेक्नोलॉजी राजनीति में भारत की भूमिका बढ़ना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान

हस्ताक्षर समारोह के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “अगर यह सोच 1947 से बनी रहती, तो भारत की विकास दर और तेज होती। अब यह मौका आपकी पीढ़ी के लिए है, जो इस विकास दर का लाभ उठाएगी।”