मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी स्थित दोना फैक्टरी के मालिक अंकित बालियान को हरियाणा पुलिस ने पलवल जिले के होडल थाना क्षेत्र से अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। मजदूरों को बंधक बनाने और नेपाल निवासी मजदूर अर्जुन टोपी की गैर इरादतन हत्या के मामले में उसकी तलाश एसआईटी समेत मुजफ्फरनगर पुलिस की पांच टीमें कर रही थीं।


बुधवार देर शाम होडल थाना पुलिस ने तितावी पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना दी। इसके साथ ही उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी भी मांगी गई। इस पर तितावी पुलिस ने अंकित बालियान से संबंधित पूरा रिकॉर्ड हरियाणा पुलिस को उपलब्ध कराया।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना प्राप्त हुई है। यह भी पता किया जा रहा है कि उसे किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में पलवल के एसएसपी से बातचीत हुई है। आरोपी को बी-वारंट पर मुजफ्फरनगर लाकर पूछताछ की जाएगी। फैक्टरी से लापता बताए जा रहे दो मजदूरों के संबंध में भी उससे पूछताछ होगी।

क्या है मामला

मांडी निवासी अंकित बालियान ने अपने फैक्टरी में राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के करीब एक दर्जन मजदूरों को बंधक बनाया था। आरोप है कि मजदूरों के साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें भूखा रखकर जबरन काम कराया जाता था।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब राजस्थान निवासी मजदूर विक्रम किसी तरह फैक्टरी से निकलकर तितावी थाने पहुंचा। उसकी शिकायत के बाद पुलिस ने श्रम विभाग की टीम के साथ फैक्टरी पर कार्रवाई करते हुए सभी मजदूरों को मुक्त कराया।

जांच के दौरान पुलिस ने फैक्टरी मालिक के पिता प्रदीप बालियान, सुपरवाइजर शिवा निवासी गांव उकावली (बुढ़ाना) और मजदूरों को फैक्टरी तक लाने वाले रबित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुक्त कराए गए मजदूरों को आर्थिक सहायता देने के बाद उनके परिजनों के साथ उनके घर भेज दिया गया। जबकि मुख्य आरोपी अंकित बालियान लगातार फरार चल रहा था।


पहले भी दूसरे राज्यों में पकड़े गए हैं वांछित

मुजफ्फरनगर के कई वांछित अपराधी पहले भी दूसरे राज्यों से गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले विक्की त्यागी को नोएडा और सुशील मूंछ को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। ऐसे मामलों में पूर्व में दूसरे राज्यों की पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं।