चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब अन्नाद्रमुक (AIADMK) के तीन वरिष्ठ पूर्व मंत्रियों ने अपने समर्थकों के साथ सत्तारूढ़ दल तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
टीवीके में शामिल होने वालों में पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर, एम.आर. विजयभास्कर और एम.एस.एम. आनंदन प्रमुख हैं। मामल्लापुरम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने सभी का स्वागत किया और उन्हें औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई।
इस राजनीतिक बदलाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि डॉ. सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़ने के बाद नई पार्टी का रुख किया। दोनों नेताओं ने टीवीके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य के विकास और बेहतर प्रशासन के लिए वे नए राजनीतिक मंच के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
कार्यक्रम के दौरान टीवीके के मुख्य समन्वयक के.ए. सेंगोट्टैयन ने अन्नाद्रमुक नेतृत्व पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने मूल राजनीतिक स्वरूप से भटक गई है और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है। उनके मुताबिक, इसी कारण बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं।
उधर, इस घटनाक्रम पर द्रमुक (DMK) ने भी प्रतिक्रिया दी। पार्टी की वरिष्ठ नेता कनिमोझी ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए राजनीतिक दलों में हो रहे दलबदल पर सवाल उठाए और अप्रत्यक्ष रूप से टीवीके पर निशाना साधा। उनकी टिप्पणी को पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर से जोड़कर देखा जा रहा है, जिनका नाम पहले चर्चित गुटखा मामले में सामने आ चुका है।
गौरतलब है कि फरवरी 2024 में स्थापित टीवीके ने अपेक्षाकृत कम समय में तमिलनाडु की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। अन्नाद्रमुक के कई प्रभावशाली नेताओं का पार्टी छोड़कर टीवीके में शामिल होना राज्य की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य पर देखने को मिल सकता है।