नई मंडी कोतवाली पुलिस ने मुजफ्फरनगर में एक ऐसे ठगी गिरोह का खुलासा किया है, जिसने लोगों को फंसाने के लिए किसी पेशेवर नेटवर्क नहीं, बल्कि यूट्यूब वीडियो का सहारा लिया था। यह गिरोह फर्जी कंपनियां बनाकर निवेश के नाम पर लोगों को भारी मुनाफे और बड़े प्रोजेक्ट में साझेदारी का झांसा देता था।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने गुरुवार दोपहर प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी 10 से 12 प्रतिशत मासिक रिटर्न और विभिन्न प्रोजेक्ट्स में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी का लालच देकर लोगों से मोटी रकम निवेश कराते थे। अब तक इस गिरोह पर करीब 70 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप सामने आया है।


पुलिस के अनुसार, यह मामला नई मंडी थाना क्षेत्र का है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जानसठ फ्लाईओवर के नीचे से तीन आरोपियों — हरेंद्र मलिया, दीपक चौधरी और प्रवीण कुमार — को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने “ग्लोबल टेक रियलिटी” और “GT FX ट्रेडिंग” के नाम से फर्जी कंपनियां बना रखी थीं। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए नकली एग्रीमेंट और इकरारनामे जैसे दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले लोगों से संपर्क कर उन्हें निवेश पर तय और स्थिर रिटर्न का भरोसा दिलाते थे। इसके बाद बड़े निवेश के बदले साझेदारी का लालच देकर रकम वसूल ली जाती थी। पैसे मिलने के बाद पीड़ितों को टालना शुरू कर दिया जाता था और बाद में संपर्क भी कम कर दिया जाता था।


पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे ठगी मॉडल को आरोपियों ने यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो देखकर सीखा था। उन्हीं वीडियो के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाना, दस्तावेज तैयार करना और निवेशकों को फंसाने की रणनीति विकसित की गई थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की है। बरामद मोबाइल और डेटा की जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पीड़ितों की पहचान की जा सके।