उत्तर प्रदेश में गुरुवार को मानसून ने पूरी तरह सक्रिय रूप दिखाया और बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों को तरबतर कर दिया। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई और गर्मी से राहत मिली।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मिर्जापुर के चुनार में सबसे अधिक 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा आजमगढ़ में 114.6 मिमी, संभल में 104 मिमी, बिजनौर में 62 मिमी, वाराणसी में 54.6 मिमी और बाराबंकी में 50 मिमी वर्षा दर्ज हुई। लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर समेत अन्य जिलों में भी मध्यम से अच्छी बारिश देखने को मिली।

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बांदा, चित्रकूट, सोनभद्र, महोबा, झांसी और ललितपुर में कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत कुल 44 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 3 और 4 जुलाई को मानसूनी बारिश का असर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में अधिक देखने को मिलेगा। इसके बाद 5 जुलाई से प्रदेश में एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

अलर्ट वाले जिले

भारी वर्षा की चेतावनी:
बांदा, चित्रकूट, सोनभद्र, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्र।

गरज-चमक और वज्रपात (येलो अलर्ट):
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्र।