ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला। कटक के एससीबी अस्पताल में आग और उसमें 12 मरीजों की मौत के मामले पर विपक्षी विधायक बीते चार दिनों से संसद में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग की है, लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है।
हंगामा बढ़ा, विपक्षी विधायक पोडियम तक पहुंचे
शुक्रवार को जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। बीजू जनता दल और कांग्रेस के नेता प्लेकार्ड लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान कुछ विधायक वेल में उतरकर सभापति के पोडियम तक पहुंचने की कोशिश करने लगे, जिसे विधानसभा के मार्शलों ने रोका।
हंगामे के कारण सदन को पहले 11:30 बजे तक स्थगित किया गया। जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विपक्ष ने फिर से विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित कर दी गई।
इस गतिरोध को सुलझाने के लिए सभापति सुरमा पाधी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के तर्क
विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा कि जब तक स्वास्थ्य मंत्री नैतिक आधार पर इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने साल 2016 में बीजद की सरकार के दौरान एक निजी अस्पताल में हुए अग्निकांड का हवाला देते हुए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे का उदाहरण दिया।
सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा नेता अशोक मोहंती ने कहा कि मंत्री का इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने कटक के एससीबी अस्पताल के बुनियादी ढांचे सुधार के लिए 800 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन सब कुछ रातों-रात ठीक नहीं हो सकता। इसके अलावा सरकार ने अग्निकांड में चार अधिकारियों को निलंबित किया है और न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं।