नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के मंच पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह के बीच अहम बातचीत हुई। यह मुलाकात पश्चिम एशिया में जारी बढ़ते तनाव के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले 24 घंटों में यह भारत और ईरान के वरिष्ठ राजनयिकों के बीच तीसरा संपर्क था।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
बैठक की पृष्ठभूमि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों की है। इन हमलों का उद्देश्य तेहरान की मिसाइल क्षमताओं और सैन्य बुनियादी ढांचे को कमजोर करना था। हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता मारे गए, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों, सहयोगी देशों और प्रमुख शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
भारत-ईरान कूटनीतिक संवाद
पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के राजनयिकों के बीच तीन बार संपर्क स्थापित हुआ, जो भारत की इस क्षेत्र में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। शुक्रवार को जयशंकर और खतीबजादेह की मुलाकात का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह माना जा रहा है कि बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा हुई।
इससे पहले गुरुवार को जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर वार्ता की थी। उसी दिन भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया और दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक सभा में शोक संवेदना रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए।
रायसीना डायलॉग: वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मंच
रायसीना डायलॉग भारत का एक प्रमुख भू-राजनीति और वैश्विक रणनीति सम्मेलन है। इसका 11वां संस्करण नई दिल्ली में गुरुवार से शुरू हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन नीति निर्माताओं, वैश्विक नेताओं, थिंक-टैंक विशेषज्ञों और उद्योग जगत के नेताओं को महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर देता है। सम्मेलन का आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया।
जयशंकर की अन्य द्विपक्षीय बैठकें
रायसीना डायलॉग के दौरान जयशंकर ने अन्य देशों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इनमें फ्रांस के मंत्री बेंजामिन हद्दाद, जर्मनी के नील्स एनेन, तंजानिया के उप-विदेश मंत्री न्ग्वारू जुमान मघेम्बे शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने GLOBESEC थिंक-टैंक के संस्थापक रॉबर्ट वास और ECFR के सह-संस्थापक मार्क लियोनार्ड से भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की।