कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थल से एक ऐसी भावनात्मक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 12 साल की उम्र में सर्कस मंडली के साथ घर से लापता हुआ एक लड़का 26 साल बाद अपने घर लौटा, लेकिन अब वह “सतीश” नहीं बल्कि “सलीम” के नाम से जाना जाता था। वर्षों बाद हुई इस मुलाकात ने परिवार को भावुक कर दिया।
12 साल की उम्र में सर्कस के साथ हुआ था गायब
धर्मस्थल के अशोकनगर (बेलथांगडी तालुक) का रहने वाला सतीश वर्ष 2000 के आसपास करीब 12 साल की उम्र में एक सर्कस ग्रुप के साथ घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद वह देश के अलग-अलग हिस्सों में सर्कस के साथ घूमता रहा और धीरे-धीरे महाराष्ट्र में बस गया।
समय के साथ वह अपने गांव, भाषा और बचपन की कई यादों को भी भूल चुका था।
नई पहचान: सतीश से बना सलीम
महाराष्ट्र में रहने के दौरान सतीश ने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम बदलकर सलीम अब्दुल अंसारी रख लिया। उसने तालिमा नाम की महिला से शादी की और उसके दो बच्चे भी हैं।
लंबे समय तक घर से दूर रहने के कारण उसकी पहचान और जीवन पूरी तरह बदल चुका था।
9 जून को अचानक लौटे पुराने दिन
जानकारी के अनुसार, 9 जून को सलीम अपने कुछ दोस्तों के साथ धर्मस्थल घूमने आया था। वह उस स्थान पर पहुंचा जहां कभी सर्कस का मैदान हुआ करता था। वहां पहुंचते ही उसे अपने बचपन की कुछ धुंधली यादें फिर से याद आने लगीं।
उसने स्थानीय लोगों से बातचीत की और अपने परिवार व भाई के बारे में जानकारी दी। लोगों की मदद से वह अपने पुराने घर तक पहुंच गया।
मां का भावुक मिलन, आंखों से छलके आंसू
जब 26 साल बाद बेटे को सामने देखकर मां ने दरवाजा खोला तो वह भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। लंबे समय से परिवार को उसके लौटने की उम्मीद थी।
मां ने बताया कि वे वर्षों से यही दुआ कर रही थीं कि एक बार अपने बेटे को फिर से देख सकें।
कुछ समय बाद लौट गया महाराष्ट्र
परिवार से मिलने के बाद सलीम ने कुछ समय घर पर बिताया और फिर वापस महाराष्ट्र लौट गया। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है और यह कहानी एक मां के लंबे इंतजार और टूटते-बनते रिश्तों की मिसाल बन गई है।