भारत के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया। उन्होंने अपने लगभग तीन साल और आठ महीने के कार्यकाल को संतोषजनक बताया।

अब रविवार को सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि देश के नए सीडीएस के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। कार्यकाल के समापन पर तीनों सेनाओं की ओर से जनरल चौहान को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सैन्य सुधारों और थियेटराइजेशन पर रहा फोकस

जनरल चौहान ने सितंबर 2022 में देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और सैन्य ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया।

उनकी प्रमुख उपलब्धियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना और सफल क्रियान्वयन तथा थियेटराइजेशन मॉडल को आगे बढ़ाने के प्रयास शामिल माने जाते हैं, जिसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त संचालन को मजबूत करने की दिशा में काम किया गया।

उनका कार्यकाल पिछले वर्ष 30 सितंबर को समाप्त होना था, लेकिन बाद में उन्हें सेवा विस्तार दिया गया था।

लंबा और प्रतिष्ठित सैन्य करियर

1981 में 11 गोरखा राइफल्स से अपने सैन्य करियर की शुरुआत करने वाले जनरल चौहान का सेवा काल कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से भरा रहा है। फरवरी 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान वे डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस के पद पर थे और इस अभियान की रणनीति और इनपुट तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही।

वे पूर्वी सेना कमान के प्रमुख और बारामूला स्थित इन्फैंट्री डिवीजन के कमांडर भी रह चुके हैं। अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और उत्तम युद्ध सेवा पदक सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्राप्त हुए हैं।