दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे मायुंग रविवार को अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। नई दिल्ली आगमन पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनका स्वागत किया और उनसे मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने कहा कि यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए राष्ट्रपति ली की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच होने वाली आगामी वार्ता दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा और मजबूती देगी।
द्विपक्षीय वार्ता में क्या रहेगा फोकस?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा व्यापार, रक्षा, निवेश और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में व्यापारिक साझेदारी को विस्तार देने, निवेश बढ़ाने, तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
राष्ट्रपति भवन में भी होंगे कार्यक्रम
अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति ली जे मायुंग सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में विशेष राजकीय भोज का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी उनकी मेजबानी में लंच देंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि हाल के वर्षों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नई गति दे सकती है।