तिरुचिरापल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आयोजित जनसभा में जनता से अपील की कि वे अफवाहों और डर के जाल में न फंसे। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बावजूद भारत की सरकार ‘इंडिया फर्स्ट’ नीति के तहत हर स्थिति में तैयार है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि एकजुट राष्ट्र के रूप में देश हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा।
डीएमके पर निशाना
प्रधानमंत्री ने रैली में सत्ताधारी डीएमके सरकार पर कड़ी टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने कहा कि तिरुची हमेशा साहस और आस्था का प्रतीक रहा है और यहां आकर उन्हें तमिल जनता की भावनाएँ सीधे महसूस होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके शासन में सत्ता एक ही परिवार के इर्द-गिर्द केंद्रित है और अन्य मंत्री या विधायक केवल दिखावे के लिए बदलते रहते हैं। उन्होंने इसे ‘वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल’ करार देते हुए कहा कि राज्य की संसाधनें और अवसर सिर्फ एक परिवार तक सीमित रह गए हैं।
‘कैश-फॉर-जॉब’ और भ्रष्टाचार पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने तिरुची जिले से जुड़े कथित ‘कैश-फॉर-जॉब’ घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं के सपनों को तोड़ती हैं। उन्होंने अवैध रेत खनन को भी राज्य में पर्यावरण और नदियों के लिए खतरा बताया।
किसानों और विकास परियोजनाओं पर फोकस
मोदी ने कावेरी डेल्टा के किसानों के लिए उचित कीमत, सुविधाएँ और आधुनिक भंडारण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डीएमके ने अनाज भंडारण और धान के एमएसपी में सुधार का वादा किया था, लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तिरुचिरापल्ली हवाईअड्डे का नया टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं के साथ तमिल संस्कृति का परिचायक है और मदुरै हवाईअड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से दुनिया सीधे तमिलनाडु तक जुड़ पाएगी। उन्होंने राज्य के बेटे सी.पी. राधाकृष्णन को देश के उपराष्ट्रपति पद पर देखकर गर्व व्यक्त किया।