पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान शुरू होते ही कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। पश्चिम बंगाल में करीब 3.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं, जबकि तमिलनाडु में लगभग 5.67 करोड़ योग्य मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। दोनों राज्यों में इस बार भारी मतदान की संभावना जताई जा रही है।

पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की अगुवाई वाली Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच माना जा रहा है। भाजपा की ओर से चुनाव प्रचार की कमान प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने संभाली। पार्टी ने अपने अभियान में राष्ट्रवाद, अवैध घुसपैठ और राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को प्रमुख मुद्दा बनाया है।

वहीं तृणमूल कांग्रेस ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न’ (SIR) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में करीब 91 लाख नाम हटाए जाने के बाद लाखों मतदाताओं की स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं।

तृणमूल कांग्रेस चुनाव में अपनी सामाजिक योजनाओं, खासकर Lakshmir Bhandar Scheme पर भी जोर दे रही है। इसके साथ ही पार्टी बंगाली पहचान और सांस्कृतिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठा रही है।

महिला मतदाताओं को लेकर भी दोनों प्रमुख दल सक्रिय नजर आ रहे हैं। भाजपा ने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस पहले से ही 2,000 रुपये की सहायता योजना चला रही है। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या 3.76 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, जो पिछले चुनावों की तुलना में बढ़ी है।

इस बीच Left Front भी चुनाव में वापसी की कोशिश कर रहा है। खासकर उत्तर बंगाल और जंगल महल के इलाकों में पार्टी चाय बागान क्षेत्रों और युवा मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कूच बिहार, अलीपुरद्वार, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में यह मुकाबला दिलचस्प बन सकता है।

कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद खास माना जा रहा है। नंदीग्राम सीट पर सबकी नजर टिकी है, जहां भाजपा नेता Suvendu Adhikari अपनी सीट बचाने की कोशिश में हैं। उन्होंने 2021 में इसी सीट से Mamata Banerjee को हराया था। वहीं बहरामपुर से कांग्रेस नेता Adhir Ranjan Chowdhury लंबे समय बाद विधानसभा राजनीति में वापसी कर रहे हैं।

दूसरी ओर तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। यहां सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam के नेतृत्व में मुख्यमंत्री M. K. Stalin और विपक्षी All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के नेता Edappadi K. Palaniswami आमने-सामने हैं। इस बार अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam भी चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना रही है।

डीएमके इस चुनाव को अपने शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर जनमत के रूप में पेश कर रही है। वहीं एआईएडीएमके पार्टी संगठन में बदलाव और नई रणनीति के साथ वापसी की कोशिश कर रही है। अभिनेता विजय की पार्टी खासकर युवा और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने पर जोर दे रही है।

तमिलनाडु की कुछ सीटों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कोलाथुर से M. K. Stalin फिर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से Udhayanidhi Stalin मैदान में हैं। अभिनेता विजय तिरुचिरापल्ली पूर्व और पेरम्बूर से चुनावी शुरुआत कर रहे हैं। वहीं Edappadi K. Palaniswami अपने गृह क्षेत्र एडप्पादी से चुनाव लड़ रहे हैं।