मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दल महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने के अधिकार से वंचित रखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री बुधवार शाम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

नए संसद भवन और नारी शक्ति वंदन पर बयान

सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए संसद भवन में सबसे पहले इसी अधिनियम को पारित किया गया। उनके अनुसार, विपक्षी दल इस विधेयक के विरोध में खड़े होकर महिलाओं की भागीदारी के खिलाफ अपनी सोच उजागर करते हैं।

विपक्षी दलों पर हमला

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके पर महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों को बाधित किया। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब स्थिति बदली है। उन्होंने बताया कि 2017 के बाद पुलिस भर्ती में महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है, जहां कई स्तरों पर 50 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिनिधित्व देखने को मिल रहा है। सरकारी नौकरियों और रोजगार योजनाओं में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है।

भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का स्थान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी शक्ति को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने रामायण और कृष्ण भक्ति परंपरा का उदाहरण देते हुए बताया कि हमारी संस्कृति में मातृशक्ति को सम्मान देने की गहरी परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी गरिमा को केंद्र में रखकर कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनसे लाखों महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।

सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां

सीएम योगी ने बताया कि उज्ज्वला योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिला कल्याण से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और लाभार्थी महिलाओं से संवाद भी किया।