पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य की 291 विधानसभा सीटों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से उन्होंने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की और कहा कि पार्टी इस बार भी जीत की परंपरा को बनाए रखने के लिए पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी।
अनुभव और नए चेहरे का संतुलन
ममता ने बताया कि सूची में अनुभव और नए चेहरे दोनों को शामिल किया गया है। कई मौजूदा विधायक फिर से चुनाव लड़ेंगे, जबकि कुछ सीटों पर नए उम्मीदवार मैदान में हैं। खास बात यह है कि भवानीपुर विधानसभा में ममता खुद चुनाव लड़ेंगी, जहाँ उनका मुकाबला भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होने की संभावना है।
भवानीपुर में अहम मुकाबला
पिछले विधानसभा चुनाव में ममता दो सीटों से चुनावी मैदान में उतरी थीं — नंदीग्राम और भवानीपुर। नंदीग्राम में उन्हें शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन भवानीपुर से जीत मिली। इस बार भाजपा ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी शुभेंदु को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में भवानीपुर का मुकाबला राज्य की राजनीति में प्रमुख अहमियत रखता है।
नए नाम और पुराने चेहरों में बदलाव
टीएमसी की सूची में कई पुराने नेताओं को टिकट नहीं मिला है। पूर्व क्रिकेटर और मंत्री मनोज तिवारी और कनई मंडल को इस बार टिकट नहीं दिया गया। वहीं, मदन मित्रा को फिर से उम्मीदवार बनाया गया, लेकिन उनका निर्वाचन क्षेत्र बदला गया। कुनाल घोष को बेलघाटा से टिकट मिला है और वह पहली बार चुनाव लड़ेंगे।
महिलाओं और आरक्षित वर्ग को विशेष महत्व
टीएमसी ने उम्मीदवारों की सूची में 52 महिलाओं को जगह दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बताया कि राज्य की 84 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं, लेकिन पार्टी ने 95 उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें 78 एससी और 17 एसटी उम्मीदवार शामिल हैं।
उत्तर बंगाल में भी उम्मीदवार घोषित
उत्तर बंगाल के जिलों में मालतीपुर से अब्दुर रहीम बख्शी, इंग्लिशबाजार से आशीष कुंडू, सुजापुर से सबीना यास्मीन, जंगीपुर से जाकिर हुसैन, और मुर्शिदाबाद से सायनी सिंह रॉय को टिकट दिया गया है। खग्राम से आशीष मरजित और कांडी से अपूर्व सरकार को मैदान में उतारा गया है।
चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना
उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग भाजपा के पक्ष में कार्य कर रहा है। ममता ने कहा, "अगर आयोग भाजपा की मदद कर रहा है तो सीधे भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करना चाहिए।"