राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राजनीतिक टकराव देखने को मिला। भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके चलते सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।

बहस के दौरान कृपलानी ने लोकसभा की हालिया कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि स्पीकर की बार-बार दी गई रूलिंग के बावजूद राहुल गांधी उसे नजरअंदाज कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक कथित किताब को लेकर बेवजह मुद्दा खड़ा किया जा रहा है और भाषा की मर्यादा नहीं रखी जा रही। इस बयान पर कांग्रेस के सदस्य भड़क उठे।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सभापति फूल सिंह मीणा से आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में मौजूद न रहने वाले किसी व्यक्ति के बारे में टिप्पणी करना नियमों के खिलाफ है और कृपलानी के बयान को रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।

इसके जवाब में कृपलानी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देश के खिलाफ नहीं बोलते, यह संतोष की बात है। इस पर जूली ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के विरुद्ध नहीं बल्कि सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहे थे और भाजपा सच सामने आने से घबरा रही है। उन्होंने कहा कि अगर पूरी बात सामने आती तो प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की भूमिका पर भी चर्चा होती।

विवाद बढ़ने पर कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति संभालना मुश्किल होता देख सभापति ने सदन को संयम बरतने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा थम नहीं सका। आखिरकार अपराह्न 4 बजकर 24 मिनट पर विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।