नई दिल्ली। बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने और सही शारीरिक विकास के लिए डॉक्टर अक्सर आयरन ड्रॉप्स देने की सलाह देते हैं। माता-पिता भी बच्चों को यह दवा सावधानी से पिलाते हैं, लेकिन कई बार छोटी सी गलती दांतों और जीभ पर काले निशान का कारण बन सकती है।
सीधे मुंह में दवा डालना हो सकता है नुकसानदायक
विशेषज्ञों के अनुसार, कई अभिभावक आसानी से देने के लिए आयरन ड्रॉप्स सीधे बच्चे के मुंह में डाल देते हैं। डॉक्टर मंडाविया के मुताबिक, यही सबसे आम गलती है जिससे बच्चों के दूध के दांतों पर काले धब्बे पड़ सकते हैं। जब आयरन सीधे दांतों के संपर्क में आता है, तो उसका प्रभाव दांतों और जीभ की सतह पर जमने लगता है। इसलिए इस तरीके से दवा देने से बचने की सलाह दी जाती है।
सही तरीका क्या है?
डॉक्टरों का कहना है कि आयरन ड्रॉप्स देने का तरीका बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए दवा को सीधे देने की बजाय 2–3 बूंदें किसी खट्टे फलों के रस में मिलाना बेहतर माना जाता है। संतरा या मौसमी का रस इसके लिए उपयुक्त होता है, क्योंकि इनमें मौजूद विटामिन-C शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाता है।
दवा के बाद पानी देना जरूरी
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि आयरन ड्रॉप्स देने के बाद बच्चे को थोड़ा सादा पानी जरूर पिलाना चाहिए। इससे मुंह पूरी तरह साफ हो जाता है और दवा के कण दांतों या जीभ पर नहीं चिपकते। यह छोटा सा उपाय बच्चों के दांतों को काले पड़ने से बचाने में काफी प्रभावी माना जाता है।