नई दिल्ली। प्रकृति जब अपनी असाधारण रचनाओं का प्रदर्शन करती है, तो इंसान हैरान रह जाता है। वियतनाम में स्थित सन डूंग गुफा ऐसी ही एक अनोखी कृति है, जो सिर्फ एक गुफा नहीं बल्कि अपने भीतर पूरी एक अलग दुनिया समेटे हुए है। लाखों साल पुरानी यह विशाल गुफा इतनी बड़ी है कि इसके अंदर नदियां बहती हैं, जंगल पनपते हैं और कई बार बादल तक बन जाते हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गुफा माना जाता है।
वर्षों तक छिपा रहा प्रकृति का यह रहस्य
वियतनाम के फोंगन्हा-के बांग राष्ट्रीय उद्यान, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, के घने जंगलों के बीच यह गुफा लंबे समय तक अनजान बनी रही। वर्ष 1991 में एक स्थानीय किसान की नजर इस गुफा पर पड़ी, लेकिन इसकी असली विशालता का अंदाजा तब लगा, जब 2009 में ब्रिटिश केव रिसर्च एसोसिएशन की टीम ने इसका वैज्ञानिक सर्वे किया। तभी दुनिया को पता चला कि यह धरती की अब तक ज्ञात सबसे बड़ी गुफा है।

आकार ऐसा कि इमारतें भी पड़ जाएं छोटी
सन डूंग का फैलाव कल्पना से परे है। यह गुफा करीब नौ किलोमीटर लंबी और लगभग 150 मीटर चौड़ी है। कई हिस्सों में इसकी ऊंचाई 200 मीटर तक पहुंच जाती है, यानी 40 मंजिला इमारत भी इसके भीतर आराम से खड़ी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके अंदर एक विशाल बोइंग 747 विमान भी समा सकता है, जिससे इसके आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गुफा के भीतर बसी है एक जीवित दुनिया
सन डूंग को खास बनाता है इसका अद्भुत पारिस्थितिकी तंत्र। लाखों वर्षों में गुफा की छत कुछ स्थानों पर ढह गई, जिससे सूरज की रोशनी अंदर तक पहुंचने लगी। इसी रोशनी ने यहां पेड़-पौधों और काई को पनपने का मौका दिया और गुफा के भीतर ही एक घना जंगल विकसित हो गया, जिसे ‘गार्डन ऑफ एडम’ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा गुफा के भीतर बहने वाली तेज धार वाली नदी ने समय के साथ चट्टानों को काटकर इस विशाल संरचना को आकार दिया है। खास बात यह है कि यहां कभी-कभी गुफा के अंदर ही बादल बन जाते हैं, जो इसे और रहस्यमयी बना देते हैं।

करोड़ों वर्षों का भूगर्भिक इतिहास
वैज्ञानिकों के लिए सन डूंग गुफा किसी प्राकृतिक प्रयोगशाला से कम नहीं है। माना जाता है कि इसकी उम्र 20 से 30 लाख वर्ष के बीच है। यहां मौजूद विशाल शैल स्तंभ और प्राकृतिक संरचनाएं पृथ्वी के भूगर्भिक इतिहास की कहानी बयां करती हैं और यह दिखाती हैं कि प्रकृति समय के साथ किस तरह अद्भुत कृतियां रचती है।
संरक्षण के लिए सख्त पाबंदियां
इस अनमोल धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए वियतनाम सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं। यह गुफा आम पर्यटकों के लिए पूरी तरह खुली नहीं है और बड़े स्तर पर पर्यटन या व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाती। हर साल बहुत सीमित संख्या में साहसिक यात्रियों को ही यहां प्रवेश मिलता है। इस यात्रा में कठिन ट्रेकिंग, चढ़ाई, नदी पार करना और गुफा के भीतर कैंपिंग जैसी चुनौतीपूर्ण गतिविधियां शामिल होती हैं।
सन डूंग गुफा आज भी अपनी प्राकृतिक भव्यता और रहस्य को संभाले हुए है। यह हमें याद दिलाती है कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी धरती के भीतर ऐसे अजूबे मौजूद हैं, जिनके सामने इंसान की कल्पना भी छोटी पड़ जाती है।