मुजफ्फरनगर में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, इंसाफ के लिए SSP कार्यालय पहुंचा परिवार

HIGHLIGHTS
- पीड़ित पिता ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया।
- परिवार के मुताबिक, किशोरी 16 जुलाई की सुबह पानी भरने घर से निकली थी।
- आरोप है कि दो पड़ोसी युवक उसे सुनसान जगह ले गए।
मुजफ्फरनगर। 13 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, परिवार पर मुकदमा वापस लेने के कथित दबाव और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर पीड़ित परिवार बुधवार दोपहर करीब 1 बजे SSP कार्यालय पहुंचा।
परिवार की शिकायत सुनने के बाद SSP संजय कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिखेड़ा थाना प्रभारी विजय कुमार को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच में आरोप सही पाए गए और पुलिस की किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित पिता के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की अलसुबह करीब 4 बजे सिखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में उनकी 13 वर्षीय बेटी पानी भरने के लिए घर से बाहर गई थी। आरोप है कि पड़ोस के दो युवक उसे जबरन उपलों के बिटौड़े के पास सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। परिवार का आरोप है कि किशोरी का मुंह दबाया गया और घटना के बारे में किसी को बताने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
मां-चाची के पहुंचने पर आरोपी भागे
परिवार के मुताबिक, किशोरी की तलाश करते हुए उसकी मां और चाची मौके पर पहुंचीं। दोनों को आते देखकर आरोपी वहां से भाग गए। इसके बाद परिजन शिकायत लेकर सिखेड़ा थाने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिवार का कहना है कि कार्रवाई और किशोरी के बयान दर्ज कराने को लेकर उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।
केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 31 अगस्त को आरोपी पक्ष से जुड़ी कुछ महिलाएं डंडे लेकर उनके घर पहुंचीं और केस वापस लेने का दबाव बनाया। परिवार के मुताबिक, महिलाओं ने उनके साथ मारपीट भी की। इसके बाद से लगातार धमकियां मिलने और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाए जाने का आरोप है।
किशोरी ने SSP से मांगा इंसाफ
SSP कार्यालय पहुंची किशोरी ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती बताई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उसने कहा कि उसे पूरा इंसाफ चाहिए। किशोरी की मां ने भी परिवार पर लगातार दबाव बनाए जाने और स्थानीय पुलिस की ओर से मदद नहीं किए जाने का आरोप लगाया।
SSP ने थानेदार को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
SSP संजय कुमार वर्मा ने सिखेड़ा थाना प्रभारी को मामले में देरी नहीं करने और निष्पक्ष तरीके से तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस एस्कॉर्ट में परिवार को थाने भेजा
SSP के निर्देश के बाद पीड़ित परिवार को पुलिस एस्कॉर्ट गाड़ी से सीधे सिखेड़ा थाने भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब आरोपों की जांच और पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर है।
परिवार का कहना है कि एक नाबालिग पीड़िता को कार्रवाई के लिए SSP कार्यालय तक पहुंचना पड़ा, यह स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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