यूपी चुनाव की तैयारी में बसपा, आकाश आनंद ने सादाबाद से डॉ. अविन शर्मा को बनाया प्रत्याशी

HIGHLIGHTS
- आकाश आनंद ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया।
- उन्होंने गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
- आकाश आनंद ने पेपर लीक, खाली सरकारी पदों और एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया।
सादाबाद। बसपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों की शुरुआत कर दी है। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने 10 अगस्त को सादाबाद के उत्सव गार्डन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बसपा विधानसभा सादाबाद प्रभारी डॉ. अविन शर्मा को सादाबाद विधानसभा सीट से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया।
जनसभा में आकाश आनंद ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने सपा और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया।
बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। अपने इस संबोधन पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 30 साल है, जबकि अखिलेश यादव 50 साल के हैं। उन्होंने कहा कि 50 साल के व्यक्ति को ‘वृद्ध अंकल’ न कहें तो और क्या कहें।
आकाश आनंद ने राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक किताब लेकर घूमते हैं और संविधान की बात करते हैं, लेकिन अगर उस किताब के पन्ने पलटे जाएं तो वे खाली मिलेंगे।
विपक्षी नेताओं पर आकाश आनंद का हमला
आकाश आनंद ने सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव और राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहने के अपने बयान को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि यह उम्र के अंतर को दर्शाता है और इसमें किसी तरह का अनादर नहीं है।
उन्होंने राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान को खोखला बताते हुए कहा कि राहुल गांधी संसद में संविधान की बात करते हैं, लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां भी वही काम हो रहा है जो भाजपा उत्तर प्रदेश में कर रही है।
आकाश आनंद ने कांग्रेस और भाजपा की नीतियों में समानता का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों दलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। उनकी बातों में बसपा को एक अलग और विश्वसनीय विकल्प के रूप में पेश करने की रणनीति दिखाई दी।
भाजपा की आर्थिक नीतियों पर निशाना
आकाश आनंद ने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एथेनॉल पेट्रोल के नाम पर आम जनता को 110 रुपये में गन्ने का रस बेच रही है।
उन्होंने कहा कि गन्ने से एथेनॉल तैयार करने की प्रक्रिया किसानों के लिए लाभकारी होनी चाहिए, लेकिन इसका फायदा आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहा है और महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने 2014 से अब तक गैस सिलिंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया। आकाश आनंद ने कहा कि 2014 में गैस सिलिंडर की कीमत करीब 400 रुपये थी और उस समय भाजपा नेता महंगाई के विरोध में सड़कों पर उतरते थे। उन्होंने दावा किया कि अब यही सिलिंडर 1,200 रुपये का हो गया है।
एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
आकाश आनंद ने देश में बन रहे एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए वहां गड्ढों और खराब निर्माण गुणवत्ता की बात कही।
इसके विपरीत उन्होंने आगरा-नोएडा एक्सप्रेसवे की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे मायावती के शासनकाल में बनाया गया था और इतने वर्षों के बाद भी इसमें एक भी गड्ढा नहीं है। उन्होंने इसे उच्च गुणवत्ता का उदाहरण बताया।
आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर अपनी कमियों को छिपाने के लिए विज्ञापनों पर भारी खर्च करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और इन वर्षों में सरकार ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक टैक्स का पैसा केवल विज्ञापन पर खर्च किया है।
‘काम कोई और करता है, फीता ये लोग काटते हैं’
बसपा के राष्ट्रीय संयोजक ने भाजपा सरकार पर दूसरे लोगों के किए गए काम का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काम कोई और करता है, लेकिन फीता ये लोग काटते हैं।
उन्होंने ‘डबल इंजन की सरकार’ के दावे पर भी सवाल उठाया। आकाश आनंद ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के बावजूद उत्तर प्रदेश में 4 लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं। उन्होंने लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर यह पैसा व्यवस्था में सुधार और रोजगार पैदा करने पर खर्च किया जाता, तो आज युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही होतीं।
नवजात बच्चों की मौत का भी किया जिक्र
आकाश आनंद ने झांसी के एक अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना पर सरकार के पास अफसोस जताने के अलावा कुछ नहीं है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं के प्रति उदासीन है और केवल अपनी छवि चमकाने में लगी है।
आकाश आनंद ने राहुल गांधी की ‘संविधान वाली किताब’ के पन्नों को खाली बताते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी भाजपा जैसी ही नीतियां अपनाई जा रही हैं।
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