रिपोर्ट में मेटा पर गंभीर आरोप, स्कैम विज्ञापनों से अरबों डॉलर कमाई का दावा

HIGHLIGHTS
- मेटा ने सरकार के सामने खास कंटेंट प्रमोशन को लेकर स्वीकारोक्ति की
- रॉयटर्स रिपोर्ट में कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों का हवाला दिया गया
- स्कैम विज्ञापनों की पहचान और रोकथाम को लेकर उठे सवाल
नई दिल्ली। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने बुधवार को सरकार के सामने स्वीकार किया कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए उसे बड़ी रकम का भुगतान किया गया था। हालांकि, ऐसी बातें कम ही सामने आती हैं, लेकिन समय-समय पर ऐसी रिपोर्टें आती रही हैं जिनमें आरोप लगाया जाता है कि अमेरिका की यह कंपनी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गैर-कानूनी कंटेंट की मौजूदगी से कमाई करती है।
पिछले साल नवंबर में रॉयटर्स ने कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों के आधार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें दावा किया गया था कि मेटा ने पिछले साल ही अंदरूनी अनुमान लगाया था कि स्कैम और प्रतिबंधित सामानों के विज्ञापनों से उसकी कुल वार्षिक कमाई का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा आ सकता है।
स्कैम विज्ञापनों से अरबों डॉलर कमाई का दावा
रिपोर्ट में कहा गया था कि मेटा उन विज्ञापनों को पहचानने और रोकने में सफल नहीं रहा, जो फर्जी ई-कॉमर्स और निवेश योजनाओं, गैर-कानूनी ऑनलाइन कैसीनो और प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देते थे।
रॉयटर्स को मिले दिसंबर 2024 के एक दस्तावेज के अनुसार, जुकरबर्ग की कंपनी सोशल मीडिया यूजर्स को हर दिन 15 अरब से ज्यादा जोखिम वाले स्कैम विज्ञापन दिखा रही थी। एक अन्य दस्तावेज में दावा किया गया कि मेटा को स्कैम विज्ञापनों से हर साल लगभग 7 अरब डॉलर की कमाई होती थी।
कंटेंट फिल्टर में कमी का दावा
रिपोर्ट में मेटा के आपत्तिजनक कंटेंट फिल्टर सिस्टम में एक कमी का भी उल्लेख किया गया। इसमें दावा किया गया कि कंपनी विज्ञापनदाताओं के खिलाफ तब तक कार्रवाई नहीं करती थी, जब तक उसके ऑटोमेटेड सिस्टम को धोखाधड़ी की 95 प्रतिशत संभावना का भरोसा नहीं हो जाता था।
उस समय मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा था कि एजेंसी द्वारा देखे गए दस्तावेज एकतरफा नजरिया पेश करते हैं, जो धोखाधड़ी और स्कैम को लेकर मेटा के प्रयासों को सही तरीके से नहीं दिखाते।
स्टोन ने कहा था, "यह आकलन हमारी इंटीग्रिटी से जुड़े उन निवेशों को सही ठहराने के लिए किया गया था जिनकी हमने योजना बनाई थी, जिसमें धोखाधड़ी और स्कैम से निपटना भी शामिल है और हमने ऐसा किया भी।"
उन्होंने कहा था, "हम धोखाधड़ी और स्कैम के खिलाफ सख्ती से लड़ते हैं क्योंकि हमारे प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग ऐसा कंटेंट नहीं चाहते, असली एडवर्टाइजर भी इसे नहीं चाहते और हम भी इसे नहीं चाहते।"
रिपोर्ट में मेटा को लेकर क्या दावा किया गया
रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के आंतरिक आकलन में पाया गया कि उसके प्रोडक्ट्स वैश्विक धोखाधड़ी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं।
मई 2025 में कंपनी की सेफ्टी टीम की एक प्रेजेंटेशन में दावा किया गया कि अमेरिका में होने वाले सभी स्कैम मामलों में से करीब एक-तिहाई में कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भूमिका थी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 के एक दस्तावेज में मेटा की स्वचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली में निवेश की कमी का जिक्र किया गया था। इसमें बताया गया था कि कंपनी ने कर्मचारियों को उन धोखेबाजों पर नजर रखने के निर्देश दिए थे, जो सोशल मीडिया यूजर्स को ठगने के लिए सेलिब्रिटी होने का दावा करते थे।
एक दस्तावेज में यह भी कहा गया था कि ऐसे घोटालों से विज्ञापनदाताओं और मशहूर हस्तियों के नाराज होने का खतरा था, जिसका असर कंपनी के राजस्व पर पड़ सकता था।
इसके अलावा रॉयटर्स ने 2023 के एक दस्तावेज का हवाला देते हुए बताया था कि मेटा ने स्कैम से जुड़ी बड़ी संख्या में यूजर रिपोर्ट को नजरअंदाज किया।
रिपोर्ट के अनुसार, उस साल फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स हर सप्ताह धोखेबाजों द्वारा भेजे गए मैसेज की करीब 1,00,000 सही रिपोर्ट दर्ज करा रहे थे, लेकिन कंपनी ने इनमें से 96 प्रतिशत रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया या खारिज कर दिया।
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