15 अगस्त को पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा 'वंदे मातरम'

HIGHLIGHTS
- इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘युवा शक्ति’ रखी गई है।
- समारोह में 2047 तक ‘विकसित भारत’ की यात्रा में युवाओं के योगदान को प्रमुखता दी जाएगी।
- संसद के हालिया संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा दिया गया है।
नई दिल्ली। इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गायन किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अवसर ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देश को संबोधित करेंगे। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘युवा शक्ति’ रखी गई है। इसमें वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की यात्रा में देश की युवा आबादी की भूमिका और योगदान को प्रमुखता दी जाएगी।
राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान जैसा कानूनी दर्जा
संसद ने हाल ही में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक’ पारित किया है। इसके तहत ‘वंदे मातरम’ के अपमान से जुड़े कृत्यों को कानूनी संरक्षण दिया गया है और राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा दिया गया है।
इस कानून को लेकर लोकसभा में कुछ समय के लिए राजनीतिक बहस भी हुई। डीएमके ने विधेयक का विरोध करते हुए सरकार पर राष्ट्रीय गीत का इस्तेमाल देश को बांटने के लिए करने का आरोप लगाया।
वहीं, बीजेपी ने संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक बिना किसी बाधा के ‘वंदे मातरम’ के प्रति अपना सम्मान व्यक्त कर सकें।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.