CJP प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने किया लाठीचार्ज, संसद मार्च के दौरान हंगामा

HIGHLIGHTS
- CJP के संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रोका और लाठीचार्ज किया।
- पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर हुए प्रदर्शन में कई विपक्षी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
- मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा कड़ी की गई थी, जबकि कई मेट्रो स्टेशनों की एंट्री-एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से संसद की ओर जाने से रोक दिया। रोक के बावजूद जब प्रदर्शनकारी संसद भवन की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें पीछे हटाया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ कर्मियों और पुलिस जवानों ने लाठियों का इस्तेमाल किया।
संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। नई दिल्ली इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई थी। CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कई राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे।
प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया और संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए। इसके अलावा अभिनेता प्रकाश राज और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। CJP ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करने का ऐलान किया था।
युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है- चंद्रशेखर आजाद
आजाद समाज पार्टी कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सरकार अपना ‘धर्म’ निभा रही है और पुलिस अपना ‘धर्म’ निभा रही है। उन्होंने कहा कि वह इस संघर्ष में देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए शामिल हुए हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि एक भारतीय युवा होने के नाते वह युवाओं की परेशानियों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि वह युवाओं की आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहां आए हैं, क्योंकि उनके साथ अन्याय हो रहा है और सरकार इसे होने दे रही है।
इन मेट्रो स्टेशनों पर बंद रही एंट्री-एग्जिट
CJP के विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने पांच मेट्रो स्टेशनों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी थी। इनमें राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन शामिल थे।
अनुमति नहीं मिलने के बावजूद जुटे समर्थक
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर पहुंच गए। प्रदर्शन में कई विपक्षी नेता भी शामिल हुए।
मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर भारी भीड़ देखने को मिली। CJP का यह प्रदर्शन पेपर लीक और युवाओं की बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़े स्तर पर पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है।
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