आंध्र प्रदेश में हिट-एंड-रन का शिकार डॉक्टर की मौत, परिवार ने मांगा न्याय

HIGHLIGHTS
- 3 अगस्त को मॉल के पास हुआ था सड़क हादसा।
- हादसे के बाद डॉ. प्रियंका को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद लाया गया था।
- CCTV फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में कार की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल छात्रा की रविवार को हैदराबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई।
राजमुंदरी के एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली डॉ. प्रियंका 3 अगस्त को शहर के एक मॉल के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और बाद में डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था।
कार सवार युवकों ने डॉक्टर को मारी टक्कर
पुलिस के अनुसार, दो युवक नशे की हालत में मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों से विवाद के बाद अपनी SUV से वहां से निकले थे। आरोप है कि उन्होंने पीछे से डॉ. प्रियंका के स्कूटर में टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई। इस दुर्घटना में उनकी एक सहेली भी घायल हुई थी।
हैदराबाद में चल रहा था इलाज
हादसे के बाद डॉ. प्रियंका को पहले राजमुंदरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनकी हालत को देखते हुए बेहतर उपचार और वेंटिलेटर सपोर्ट के लिए उन्हें हैदराबाद लाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। बाद में उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। परिवार के मुताबिक रविवार को उनका निधन हो गया।
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक, कार में सवार सुरावरापु दुष्यंत और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स हादसे के बाद मौके से फरार हो गए थे। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों की मदद से पुलिस ने दोनों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
शुरुआत में दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 338 के तहत लापरवाही या जल्दबाजी में गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने इसमें धारा 308 भी जोड़ दी।
परिवार में शोक, सख्त कार्रवाई की मांग
डॉ. प्रियंका की मौत के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है। उनके पिता ने पत्रकारों से कहा कि बेटी को खोने का दर्द कभी पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि डॉ. प्रियंका उनके बड़े परिवार की पहली डॉक्टर थीं।
घटना के बाद मेडिकल छात्रों और छात्र संगठनों में भी नाराजगी है। वे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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